Editorial & Corrections Policy

संपादकीय एवं सुधार नीति सुदर्शन वाहिनी सार्वजनिक विषयों पर सामग्री प्रकाशित करते समय तथ्य, स्रोत और उपलब्ध प्रमाणों को महत्व देती है। तथ्य और विचार समाचार या तथ्यात्मक सामग्री और संगठन के विचार/विश्लेषण के बीच स्पष्ट अंतर रखने का प्रयास किया जाएगा। स्रोत महत्वपूर्ण दावों के लिए उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों, न्यायालयीन आदेशों, सरकारी स्रोतों, विश्वसनीय समाचार स्रोतों या अन्य प्राथमिक स्रोतों को प्राथमिकता दी जाएगी। आरोप और विवाद किसी व्यक्ति या संस्था पर लगाए गए आरोपों को आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया जाएगा, जब तक कि सक्षम प्राधिकारी या न्यायालय द्वारा तथ्य स्थापित न हो जाए। सुधार यदि प्रकाशित सामग्री में तथ्यात्मक त्रुटि पाई जाती है, तो पाठक संबंधित प्रमाण के साथ संगठन से संपर्क कर सकते हैं। उचित समीक्षा के बाद आवश्यक सुधार या स्पष्टीकरण प्रकाशित किया जा सकता है। न्यायिक मामले न्यायालय में विचाराधीन मामलों में उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड और संबंधित कानूनी स्थिति को ध्यान में रखकर सामग्री प्रकाशित की जाएगी।